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गंगा से जुड़े नवीनतम शोध, अभियान, जानकारियां एवं विशेषज्ञों की राय
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गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है : गंगाजल का औषधीय योगी गुण विश्व प्रसिद्ध है, अध्याय 9, श्लोक 12 (गीता : 12)
मोधाशा मोधकर्माणो मोधग्याना बिचेतसः ।। राक्षसीमासुरी चैव प्रकृतिं मोहिनीं श्रिताः ।। गीता : 9.12 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :वे व्यर्थ आशा, व्यर...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है : अब देश स्वतंत्र हो गया है, तो मैं क्यों परतंत्र रह गयी हूँ, अध्याय 9, श्लोक 11 (गीता : 11)
अवजानन्ति मां मूढा मानुषीं तनुमाश्रितम् ।। परं भावमजानन्तो मम भूतमहेश्वरम् ।। गीता : 9.11 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :मेरे परम भाव को न जानने वा...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है : मैं तुम्हारी जीवात्मा हूँ, अध्याय 9, श्लोक 10 (गीता : 10)
मयाध्यक्षेण प्रकृति: सूयते सचराचरम् ।। हेतूनानेन कौन्तेय जगत्परिवर्त्तते ।। गीता : 9.10 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :हे अर्जुन ! मुझ अधिष्ठाता के...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है : मेरी प्रकृति ही जीव-जगत को परिभाषित और निरूपित करती है. अध्याय 9, श्लोक 9 (गीता : 9)
न च मां तानि कर्माणि निबध्नन्ति धनज्जय ।। उदासी-नबदासीनमसक्तं तेषु कर्मसु ।। गीता : 9.9 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :हे अर्जुन ! उन कर्मों में आस...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है : हमारे शरीर की जगह और समय से बदलते भौतिक-परारूप को समझना आवश्यक है. अध्याय 9, श्लोक 8 (गीता : 8)
प्रकृति स्वामवष्टभ्य बिसृजामि पुनः पुनः ।। भूतग्राममिमं कृत्स्नमवशं प्रकृतेर्वशात् ।। गीता : 9.8 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :अपनी प्रकृति को अंग...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है : मेरी विशिष्टताओं का मूल्यांकन कर मेरी रक्षा करों. अध्याय 15, श्लोक 18 (गीता : 18)
यस्मात्क्षरमतीतोअ्हमक्षरादपि चोत्तमः । अतोअ्स्मि लोके वेदे च प्रथित: पुरुषोत्तम: । गीता : 15.18 ।श्लोक का हिन्दी अर्थ :क्योंकि मैं नाशवान जड़...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है : गंगा जल “पंच-तत्वों का सम्मिश्रण” है. अध्याय 9, श्लोक 7 (गीता : 7)
सर्वभूतानि कौन्तेय प्रकृतिं यान्ति मामिकाम् ।। कल्पक्षये पुनस्तानि कल्पादौ विसृजाम्यहम् ।। गीता : 9.7 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :हे अर्जुन! कल्...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है : मेरी स्थैतिक ऊर्जा का सही आंकलन नहीं करना “नदी जल-प्रदूषण” का कारण है. अध्याय 9, श्लोक 6 (गीता : 6)
यथाकाशास्थितो नित्यं वायुः सर्वत्रगो महान् ।। तथा सर्वाणि भूतानि मत्स्थानीत्यु-पधारय ।। गीता : 9.6 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :जैसे आकाश से उत्प...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है : नदी व्यवस्था की तकनीक का ज्ञान अनिवार्य है. अध्याय 15, श्लोक 17 (गीता : 17)
उत्तमः पुरुषस्त्वन्यः परमात्मेत्युदाहृतः । यो लोकत्रयमाविश्य विभर्त्यव्यय ईश्वरः ।। गीता : 15.17 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :इन दोनों से उत्तम प...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है : जीव प्रकृति के सिद्धांत को समझो, अध्याय 9, श्लोक 5 (गीता : 5)
न च मत्स्थानि भूतानि पश्य में योगमैश्वरम् ।। भूतभृन्न च भूतस्थो ममात्मा भूतभावनः ।। गीता : 9.5 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ : ये सब भूत मुझमें स्थ...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है : समस्त प्राणियों का मैं प्राण हूँ, अध्याय 9, श्लोक 4 (गीता : 4)
मया ततमिदं सर्वं जगदब्यक्तमूर्तिना ।। मत्स्थानि सर्वभूतानि न चाहं तेष्ववस्थितः ।। गीता : 9.4 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :यह सम्पूर्ण जगत मेरे अव...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है : मेरे पंच-महाभूतों की संतुलंता का ध्यान रखो, अध्याय 9, श्लोक 3 (गीता : 3)
अश्रद्धानाः पुरुषा धर्मस्यास्य परन्तप ।। अप्राप्य मां निबर्तन्ते मृत्वसंसारबर्त्मनि ।। गीता : 9.3 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :हे अर्जुन ! इस उपर...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है : गंगा की समस्याओं पर ध्यान न देना वातावरणीय असंतुलन का प्रमाण है, अध्याय 9, श्लोक 2 (गीता : 2)
राजविद्या राजगुह्यं पवित्रमिदमुत्तमम् ।। प्रत्यक्षावगमं धर्म्यं सुसुखं कर्तुमव्ययम् ।। गीता : 9.2 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :यह विज्ञान सहित ज्...
गंगा नदी और गीता - गंगा कहती है : कार्य ज्ञानी हो सकता है परन्तु वैज्ञानिक नहीं, अध्याय 9, श्लोक 1 (गीता : 1)
इदं तु ते गुह्यतमं प्रवक्ष्याम्यनसूयवे ।।ग्यानं बिग्यानसहितं यज्ग्यात्वा मोक्ष्यसेअ्शुभात् ।। गीता : 9.1 ।। श्लोक का हिन्दी अर्थ :श्री भगवान...
गंगा नदी और गीता - गंगा कहती है : विभिन्न विभागों में तालमेल का अभाव गंगा की समस्या है, अध्याय 8, श्लोक 28 (गीता : 28)
वेदेषु यग्येशु तपःसु चैव दानेषु यत्पुण्यफलं प्रदिष्ठम् ।। अत्येति तत्सर्बमिदं विदित्वा योगी परं स्थानमुपैति चाह्यम् ।। गीता : 8.28 ।।श्लोक क...
गंगा नदी और गीता - गंगा कहती है - समबुद्धि योग में स्थिर होना ही गंगा की सम्पूर्ण व्यवस्था की परियोजना है, अध्याय 8, श्लोक 27 (गीता : 27)
नैते सृती पार्थ जानन्योगी मुह्यति कश्चन ।। तस्मात्सर्बेषु कालेषु योगयुक्तो भवार्जुन ।। गीता : 8.27 ।। श्लोक का हिन्दी अर्थ :हे पार्थ ! इस प्...
गंगा नदी और गीता - गंगा कहती है - गंगा बेसिन से बालू खनन की समस्या सनातनी परम्पराओं को नष्ट कर रही है.अध्याय 8, श्लोक 26 (गीता : 26)
शुक्लकृष्णे गती ह्येते जगतः शाश्वते मते ।। एकया यात्यनावृत्तिमन्ययाबर्तते पुनः ।। गीता : 8.26 ।।श्लोक का हिन्दी में अर्थ:वैदिक मतानुसार इस स...
गंगा नदी और गीता - गंगा कहती है – बिना ज्ञान और तकनीक के जल-दोहन करना अनुचित है : अध्याय 15, श्लोक 16 (गीता : 16)
द्वाविमों पुरुषौ लोके क्षरश्चाक्षर एव च। क्षरः सर्वानि भूतानि कूटस्थोअ्क्षर उच्यते ।। गीता : 15.16।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :इस संसार में नाशवा...
गंगा नदी और गीता - गंगा कहती है - : बेसिन की मेड़बंदी और फ्लडप्लेन की समुचित व्यवस्था, अध्याय 8, श्लोक 25 (गीता : 25)
धूमो रात्रिस्तथा कृष्णः षण्मासा दक्षिणायनम् ।। तत्र चान्द्रमसं ज्योतिर्योंगी प्राप्य निबर्तते ।। गीता : 8.25 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :जिस मार...
गंगा नदी और गीता - गंगा कहती है समस्त जीवों व वातावरण का आधार : अध्याय 8, श्लोक 19 (गीता : 19)
भूतग्रामः स एवायं भूत्वा भूत्वा प्रलीयते ।। रात्रागमेंअ्वशः पार्थ प्रभवत्यहरागमें ।। गीता : 8.19 ।। श्लोक का हिन्दी अर्थ : हे पार्थ! यह प्रा...
गंगा नदी और गीता - गंगा कहती है – गंगा बेसिन समस्त जीवों का आधार है. अध्याय 8, श्लोक 18 (गीता : 18)
अब्यक्ताद् ब्यक्तयः सर्वाः प्रभवन्त्यहरागमें ।। रात्रागमें प्रलीयन्ते तत्रैवाब्यक्तसंग्यके ।। गीता : 8.18 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :ब्रह्मा के...
गंगा नदी और गीता - गंगा कहती है – मैं अभी भी ढ़लती शक्ति और सामर्थ्य के साथ विराजमान हूँ .अध्याय 8, श्लोक 17 (गीता : 17)
सहस्त्रयुगपर्यन्तमहर्यद् ब्रह्माणों बिदुः ।। रात्रिं युगसहस्त्रान्तां तेअ्होनात्रविदो जनाः ।। गीता : 8.17 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :मानवीय गणन...
गंगा नदी और गीता - गंगा कहती है – नदियों से समन्वय स्थापित करें.अध्याय 8, श्लोक 16 (गीता : 16)
आब्रह्मभुवनालोका: पुनराबर्तितोअर्जुन ।। मामुपेत्य तु कौन्तेय पुनर्जन्म न बिद्यते : ।। गीता : 8.16 ।। श्लोक का हिन्दी में अर्थ :हे अर्जुन! ब्...
गंगा नदी और गीता - गंगा कहती है – नदी की पारिस्थितिकी को गहनता से समझना होगा : अध्याय 15, श्लोक 13 (गीता : 13)
गामाविश्य च भूतानि धारयाम्यहमोजसा। पुष्णामि चौषधीः सर्वाः सोमों भूत्वा रसात्मकः।। गीता : 15.13 :श्लोक का हिन्दी अर्थ :मैं ही पृथ्वी में प्रव...
गंगा नदी और गीता - गंगा कहती है – तुम जैसा करोगे, वैसा ही भरोगे : अध्याय 15, श्लोक 12 (गीता : 12)
यदादित्यगतं तेजो जगद्भासयतेअ्खिलम् । यच्चन्द्रमसि यच्चाग्नौ तत्तेजो विद्धि मामकम् ।। गीता : 15.12 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थसूर्य में स्थित जो त...
गंगा नदी - गंगा में अवजल निस्तारण से पूर्व मॉडलिंग न करना गंगा की समस्या है : भाग - 16
STP से गंगा में निस्तारित अवजल के स्थान से आउटफॉल साइट के प्रदूषण के फैलाव को डायल्यूशन, डिफ्यूजन और डिसपर्सन की मॉडलिंग कर उसे नहीं समझना त...
गंगा नदी – निर्मल गंगा अभियान की सार्थक पहल, सीसामाऊ नाले पर लगाया गया प्रतिबन्ध
News
हमारी भारतीय संस्कृति में नदियां सदैव ही जीवनदायिनी के रूप में पूजनीय रही है. परन्तु वर्तमान समय में यही नदियाँ आज लुप्त होने के कगार पर है....
गंगा नदी और गीता - गंगा कहती है – नदी के स्वरुप को उचित रूप से जानना आवश्यक है : अध्याय 15, श्लोक 11 (गीता:11)
यतन्तो योगिनश्चैनं पश्यन्त्यात्मन्यवस्थितम्। यतन्तोअ्ष्यकृतात्मानां नैनं पश्यन्त्यचेतसः।। गीता : 15.11।। श्लोक का हिन्दी अर्थ :आत्म-साक्षात्...
गंगा नदी - नकारने से और नासूर बन जाएगी मौसम परिवर्तन की समस्या
24वां कन्वेंशन ऑफ द पार्टीज अर्थात कोप-24 के माध्यम से आगामी 2 से 14 दिसम्बर 2018 तक पोलैण्ड के शहर काटोवाइस में जलवायु परिवर्तन की गंभीर सम...
गंगा नदी – नदी की आधारभूत व्यवस्था के लिये जियोमोर्फोलोजी का ज्ञान नहीं होना गंगा की समस्या है : भाग – 15
नदी की वक्रारिता, नदी का साँप जैसे टेढ़ा-मेढ़ा होकर चलना है, जैसे दो मानव के स्वरूप, चाल-चलन, रक्त-गुण आदि एक जैसे नहीं होते, उसी तरह समस्त नद...
गंगा नदी और गीता - गंगा कहती है – भोग-वासनाओं के लिए मेरी शक्तियों को व्यर्थ मत करो : अध्याय 15, श्लोक 9 (गीता:9)
श्रोत्रं चक्षुः स्पर्शनं च रसनं घ्राणमेव च। अधिष्ठाय मनश्चायं बिषयानुपसेवते ।। गीता : 15.9श्लोक का हिन्दी अर्थ :जिस प्रकार दूसरा स्थूल शरीर ...
गंगा नदी – नए एवं पुराने STP का आउटफॉल साइट डिज़ाइन सुनिश्चित कराने की आवश्यकता : भाग – 14
काशी में गंगा घाट पर मनाये जाने वाली देव दीपावली लाखों लोगों की आत्मीय उमंग, श्रद्धा-प्रेम, ध्यान, स्नान इत्यादि से ओत-प्रोत तथा भारत के अद्...
गंगा नदी - गंगा को क्यों और कितना चाहिए अविरल प्रवाह?
लेखक - अरुण तिवारी गंगा की अविरलता की मांग को पूरा कराने के लिए स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद ने अपने प्राण तक दांव पर लगा दिए। इसी मांग की पूर्...
गंगा नदी और गीता - गंगा कहती है – कार्य के अविनाशी सिद्धांत का मूल अर्थ समझो : अध्याय 15, श्लोक 8 (गीता:8)
शरीरं यदवाप्नोति यच्चाप्युत्क्रामतीश्वरः। गृहीत्वैतानि संयाति वायुर्गन्धानिवाशयात् ।। गीता : 15.8 ।। श्लोक का हिन्दी अर्थ :वायु गंध के स्था...
गंगा नदी और गीता - गंगा कहती है – प्रकृतिस्थ होना ही ब्रह्मस्थ होना है : अध्याय 15, श्लोक 5 (गीता:5)
निर्माणमोहा जितसंगदोषा अध्यात्मनित्या विनिवृतकामाः । द्वन्द्वैर्विमुक्ताः सुखदुःखसंगैर्गच्छन्त्यमूढ़ाः पदमव्ययं तत् ।। गीता : 15.5श्लोक का हि...
गंगा नदी और गीता - गंगा कहती है – ज्ञान से ही त्याग और विरक्ति शस्त्र का जन्म होता है : अध्याय 15, श्लोक 3,4 (गीता:3,4)
न रूपमस्येह तथोप-लभ्यते नान्तो न चादिर्ण च सम्प्रतिष्ठा। अश्वत्थमेनं सुविरूढमूलमसंगशस्त्रेण दृढेन छित्वा।। ततः पदं तत्परिमार्गितव्यं यस्मिन्...
गंगा नदी और गीता - गंगा कहती है – मेरे संवर्धन की व्यवस्था करना आवश्यक है : अध्याय 15, श्लोक 2 (गीता:2)
अधश्चोर्ध्वं प्रसृतास्तस्य शाखा गुणप्रबृद्धा बिषयप्रवालाः। अधश्च मूलान्यनुसन्ततानि कर्मानुबन्धीनि मनुष्यलोके।। गीता 15.2।।श्लोक का हिन्दी अर...
गंगा नदी - बिना मॉडल-अध्ययन के बड़े प्रोजेक्ट बनाना, गंगा की सबसे बड़ी समस्या है : भाग - 11
TGP, "दी थ्री गौर्ज प्रोजेक्ट डैम" चीन का, 175 मी. ऊँचा, 18,000 मेगावाट हाइड्रोपावर क्षमता का, मॉडल अध्ययन समय 25 से 30 वर्ष के अध्ययन के बा...
गंगा नदी - नदी की गूढ़ रिसर्च उपलब्धियों को तिरस्कृत करना, गंगा की सबसे बड़ी समस्या है : भाग - 10
हिमालय के लगभग एक ही क्षेत्र से 60-85 कि. मी. के अन्तराल से प्रस्फुटित होने वाली गंगा-यमुना-सोन आदि नदियाँ, उद्गम के समय विभिन्न ऊँचाइयों से...
पूर्वी काली नदी – प्रदूषित ड्रेनेज सिस्टम से मलिन होती काली नदी
पूर्वी काली नदी गंगा की सहायक नदियों में से एक है. पूर्वी काली नदी मुजफ्फरपुर, मेरठ, बुलंदशहर से होते हुए. 680 किलोमीटर का कुल मार्ग तय करते...
रामगंगा नदी - प्रदूषित ड्रेनेज तंत्र से प्रभावित होती गंगा की सहायक
गंगा नदी की सहायक नदी के रूप में जानी जाने वाली रामगंगा नदी भारत की प्राचीनतम नदियों में से एक है. लगभग 600 किलोमीटर लम्बी इस नदी का उद्गम...
गंगा नदी और गीता - गंगा कहती है – मैं पीपल के वृक्ष के समान अविनाशी जलस्त्रोत हूं : अध्याय 15, श्लोक 1 (गीता:1)
ऊर्ध्वमूलमधःशाखमश्वत्थं प्राहुरव्ययम् । छन्दांसि यस्य पर्णानि यस्तं वेद स वेदबित् ।। गीता : 15.1 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ : श्री भगवान् बोले -...
गंगा नदी - तय अब हम को ही करना है, गंगा तट से बोल रहा हूं....
गंगा तट पर देखा मैनेसाधना में मातृ के सानिध्य बैठा इक सन्यासी मृत्यु को ललकारता सानंद समय का लेख बनकरलिख गया इक अमिट पन्ना।न कोई नागनाथ मरा ...
गंगा नदी और गीता - गंगा कहती है – शक्ति-प्रवाह-सिद्धांत को समझना आवश्यक है : अध्याय 14, श्लोक 25 (गीता:25)
मानापमानयोस्तुल्यस्तुल्यो मित्रारिपक्षयोः । सर्वारम्भपरित्यागी गुणातीतः स उच्यते ।। गीता : 14.25 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ:जो मान और अपमान में ...
गंगा नदी और गीता - गंगा कहती है – मुझे मातृ भावना से देखो : अध्याय 14, श्लोक 20 (गीता:20)
गुणानेतानतीत्य त्रीन्देही देहसमुद्भवान् । जन्ममृत्वजरा दुःखैर्विमुक्तो अमृतमश्नुते ।। गीता : 14.20 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :वह पुरुष शरीर की ...
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