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गंगा से जुड़े नवीनतम शोध, अभियान, जानकारियां एवं विशेषज्ञों की राय
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गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है – नदी इंस्टीट्यूट का ज्ञान नहीं होने के कारण बढ़ रही हैं, इकोलॉजिकल समस्याएं. अध्याय 17, श्लोक 16 (गीता : 16)
मनःप्रसादः सौम्यत्वं मौनमात्मविनिग्रहः भावसंशुद्धिरित्येतत्तपो मानसमुच्यते ।। गीता : 17.16 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :मन की प्रसन्नता, शांत भा...
Ganga River - Restoring River Ecology through Involvement of Women
Ganges is believed to be one of the most sacred rivers of India with its valuable ecological and economic significance. The 2,525 km river r...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है – सम्पूर्ण जीव-जगत के लिए गंगा महत्वपूर्ण है. अध्याय 10, श्लोक 35 (गीता : 35)
बृहत्साम तथा साम्नां गायत्री छन्दसामहम् ।। मासानां मार्गशीर्षोअ्हमृतूनां कुसुमाकरः ।। गीता : 10.35 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :गायन करने वाले श्...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है – नदियों के जल गुण का नष्ट होना सर्वत्र अशांति का कारण है. अध्याय 17, श्लोक 15 (गीता : 15)
अनुद्वेगकरं वाक्यं सत्यं प्रियहितं च यत् । स्वाध्यायाभ्यसनं चैव वांग्मयं तप उच्यते ।। गीता : 17.15 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :जो उद्वेग न करने ...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है – मेरे संरक्षण के बहुआयामों को समझों. अध्याय 17, श्लोक 14 (गीता : 14)
देवद्विजगुरुप्राग्यपूजनं शौचमार्जवम् । ब्रह्मचर्यमहिंसा च शरीरं तप उच्यजे ।। गीता : 17.14 ।।श्लोक का हिंदी अर्थ :देवता, ब्राह्मण, गुरु और ज्...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है – नदी की समस्याओं के मौलिक समाधान को प्राथमिकता दें. अध्याय 17, श्लोक 13 (गीता : 13)
विधिहीननमसृष्टान्नं मंत्रहीनमदक्षिणाम् । श्रद्धाविरहितं यग्यं तामसं परिचक्षते ।। गीता : 17.13 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :शास्त्र विधि से हीन, अ...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है – मेरे भीतर पंच-तत्वों को समेटने की क्षमता है. अध्याय 10, श्लोक 34 (गीता : 34)
मृत्युः सर्वहरश्चाहमुद्भवश्च भविष्यताम् । कीर्ति: श्रीर्बाक्च नारीणां स्मृतिर्मेधा धृति: क्षमा ।। गीता : 10.34 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :मैं स...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है – जल ध्वनि तरंग से मेरा चरित्र परिभाषित होता है. अध्याय 10, श्लोक 33 (गीता : 33)
अक्षराणामकारोस्मि द्वन्द्वः सामासिकस्य च । अहमेवाक्षयः कालो धाताहं विश्वतोमुखः ।। गीता : 10.33 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :मैं अक्षरों में अकार ...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है – वातावरणीय जलगुण मेरी शक्ति का द्योतक है. अध्याय 10, श्लोक 32 (गीता : 32)
सर्गाणामादिरन्तश्च मध्यं चैवाहमर्जुन । अध्यात्मविद्या विद्यानां वाद: प्रवदतामहम् ।। गीता : 10.32 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :हे अर्जुन मैं समस्त...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है – मैं अनंत जीवों का पालन करने वाली हूँ. अध्याय 10, श्लोक 31 (गीता : 31)
पवनः पवतामस्मि रामः शस्त्रभृतामहम् । झषाणां मकरश्चास्मि स्त्रोतसामस्मि जान्हवी ।। गीता : 10.31 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ:मैं पवित्र करने वालों ...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है – मनुष्य अपने अमानवीय व्यवहार से गंगा जल को प्रदूषित कर रहा है. अध्याय 10, श्लोक 30 (गीता : 30)
प्रह्लादश्चास्मि दैत्यानां कालः कलयतामहम् ।। मृगाणां च मृगेन्द्रोअ्हं वैनतेयश्च पक्षिणाम् ।। गीता : 10.30 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :मैं दैत्यो...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है – गंगाजल भारतीय संस्कृति व परम्पराओं का प्रतीक है. अध्याय 10, श्लोक 29 (गीता : 29)
अनन्तश्चास्मि नागानां बरुणो यादसामहम् ।। पितृणामर्यमा चास्मि यमः संयमतामहम् ।।गीता : 10.29 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :मैं नागों में शेषनाग और ज...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है – मेरा कार्य प्रकृति के नियमों के अनुरूप ही संपन्न होता है. अध्याय 10, श्लोक 28 (गीता : 28)
आयुधानामहं बज्रं धेनूनामस्मि कामधुक् ।। प्रजनश्चास्मि कन्दर्पः सर्पाणामस्मि वासुकिः ।। गीता : 10.28 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :मैं शस्त्रों में...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है – मेरे जल के गुण असीमित हैं. अध्याय 10, श्लोक 27 (गीता : 27)
उच्चैःश्रवसमश्वानां विद्धि माममृतोद्भवम् ।। ऐरावतं गजेन्द्राणां नराणां च नराधिपम्' ।। गीता : 10.27 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :घोड़ों में मुझे उच...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है – जल की शुद्धता से उसमें निहित ऑक्सीजन का ज्ञान होता है. अध्याय 10, श्लोक 26 (गीता : 26)
अश्ववत्थः सर्ववृक्षाणां देवर्षीणां च नारदः ।। गन्धर्वाणां चित्ररथः सिद्धानां कपिलो मुनिः ।। गीता : 10.26 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :मैं सब वृक्...
गंगा नदी - मैं गंगा तुमसे पूछ रही...
पुलवामा घात में अमर हुए सी आर पी एफ के शहीदों को नमन करते हुए एक गंगा प्रश्न कृपया विचार करें....राष्ट्र को कहते भारत मां,मुझे कहते तुम मां ...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है – अंग्रेजी शासन का उद्देश्य गंगत्व को नष्ट करना था. अध्याय 17, श्लोक 12 (गीता : 12)
अभिसन्धाय तु फलं दम्भार्थमपि चैव यत् । इज्यते भरतश्रेष्ठ तं यग्यं विद्धि राजसम् ।। गीता : 17.12 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :परन्तु हे अर्जुन ! क...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है – हिमालय की स्थिरता से सभी नदियों का बेसिन शक्तिशाली होता है. अध्याय 10, श्लोक 25 (गीता : 25)
महर्षीणां भृगुरहं गिरामस्म्येकमक्षरम् ।। यग्यानां जपयग्योअ्स्मि स्थाबराणां हिमालय: ।। गीता : 10.25 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :मैं महर्षियों में...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है – जल प्रवाह का सतही संतुलन आवश्यक है. अध्याय 17, श्लोक 11 (गीता : 11)
अफलाकांक्षिभिर्यग्यो विधिदृष्टो य इज्यते । यष्टव्यमेवेति मनः समाधाय स सात्त्विक: ।। गीता : 17.11 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :जो शास्त्र विधि से ...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है – प्रवाह क्षेत्र का मूल्यांकन कर नदियों का संरक्षण करें. अध्याय 17, श्लोक 10 (गीता : 10)
‘यातयामं गतरसं पूति पर्युषितं च यत् । उच्छिष्टमयि चामेध्यं भोजनं तामसप्रियम्’ ।। गीता: 17.10 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :जो भोजन अधपका, रसरहित, ...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है – प्राकृतिक जल संसाधनों का संरक्षण ही सर्वोपरि होना चाहिए. अध्याय 10, श्लोक 24 (गीता : 24)
पुरोधसां च मुख्यं मां विद्धि पार्थ बृहस्पतिम् ।। सेनानीनामहं स्कन्दः सरसामस्मि सागरः ।। गीता : 10.24 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :पुरोहितों में म...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है – लोग स्वार्थ वश कर रहें हैं नदियों को प्रदूषित. अध्याय 17, श्लोक 9 (गीता : 9)
कट्वम्ललवणात्युष्णतीक्ष्णरूक्षविदाहिनः। आहारा राजसस्येष्टा दु:खशोकामयप्रदा: ।। गीता : 17.9 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :कड़वे, खट्टे, लवणयुक्त, ...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है – मेरी प्राकृतिक तकनीक अध्यात्म पर आधारित है. अध्याय 10, श्लोक 23 (गीता : 23)
रुद्राणां शंकरश्चास्मि वित्तेशो यक्षरक्षसाम् ।। वसूनां पावकश्चास्मि मेरुः शिखरिणामहम् ।। गीता : 10.23 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ:मैं एकादश रुद्र...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है – मैं सभी प्राणियों की चेतना शक्ति हूं. अध्याय 10, श्लोक 22 (गीता : 22)
वेदानां सामवेदोअ्स्मि देवानामस्मि वासवः ।। इन्द्रियाणां मनश्चास्मि भूतानामस्मि चेतना ।। गीता : 10.22 ।।श्लोक का हिंदी अर्थ :मैं वेदों मे साम...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है – मैं प्रत्येक जीव के अस्तित्व का कारक हूं. अध्याय 10, श्लोक 21 (गीता : 21)
आदित्यानामहं बिष्णुर्ज्योतिषां रविरंशुमान् ।। मरीचिर्मरुतास्मि नक्षत्राणामहं शशी ।। गीता : 10.21 ।।श्लोक का हिंदी अर्थ :आदित्य के बारह पुत्र...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है – एसटीपी का बालू क्षेत्र में निस्तारण और वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम से हो नदी संरक्षण. अध्याय 17, श्लोक 8 (गीता : 8)
आयुःसत्त्वबलारोग्यसुखप्रीतीविवर्धनाः । रस्याः स्निग्धाः स्थिरा हृद्या आहाराः सात्त्विकप्रियाः ।। गीता : 17.8 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :आयु, बु...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है – लोगों की मेरे प्रति श्रद्धा ही मेरी जीवंतता का कारण है. अध्याय 17, श्लोक 7 (गीता : 7)
आहारस्त्वपि सर्वस्य त्रिविधो भवति प्रियः । यग्यस्तथा दानं तेषा भेदमिमं श्रृणु ।। गीता : 17.7 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :भोजन भी सबको अपनी-अपनी ...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है - मैं सम्पूर्ण जीव-जगत का पालन पोषण करती हूं. अध्याय 10 श्लोक 20 (गीता : 20)
अहमात्मा गुडाकेश सर्वभूताशयस्थितः ।। अहमादिश्च मध्यं च भूतानामन्त एव च ।। गीता : 10.20 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :हे अर्जुन ! मैं सब भूतों के ह...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है - मेरी भूजल संचालन पद्धति को जानना एक कठिन प्रक्रिया है. अध्याय 10 श्लोक 19 (गीता : 19)
हंत ते कथयिष्यामि दिव्या ह्यात्मविभूतयः ।। प्रधान्यतः कुरुश्रेष्ठ नास्त्यन्तो विस्तरस्य मे ।। गीता : 10.19 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :श्री भगवा...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है - नदियों को मूल्यवान धन की तरह संरक्षित रखने की आवश्यकता है. अध्याय 17 श्लोक 6 (गीता : 6)
कर्शयन्तः शरीरस्थं भूतग्राममचेतसः । मां चैवान्तःशरीरस्थं तान्विद्ध्यासुरनिश्चयान् ।। गीता : 17.6 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :जो शरीर रूप से स्थि...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है - वातावरणीय संतुलितता का निर्वहन करना ही, गंगा की मूलभूत योगशक्ति है. अध्याय 10, श्लोक 18 (गीता : 18)
विस्तरेणात्मनों योगं विभूतिं च जनार्दन ।। भूयः कथय तृप्तिहिं श्रृण्वतो नास्ति मेअ्मृतम् ।। गीता : 10.18 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :हे जनार्दन ...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है - जल संरक्षण तकनीक के सिद्धांतो का क्रियान्वन न होना, गंगा की समस्या है. अध्याय 17, श्लोक 5 (गीता : 5)
अशास्त्रविहितं घोरं तप्यन्ते ये तपो जना: । दम्भाहंकारसंयुक्ता: कामरागबलान्विता: ।। गीता : 17.5 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :मनुष्य शास्त्र विधि स...
गंगा नदी - ये गंगा के बलिदानी
जिस गंगा ने सगरे तारे,उस गंगा की खातिर प्यारे,हुए समर्पित गंग बलिदानी,अमिट रहेगी उनकी कहानी। रेती-पत्थर चुग-खोदकरमां से करते थे मनमानी,देख अ...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है - गंगा से जुड़े ज्ञान का बोध होना आवश्यक है. अध्याय 10, श्लोक 17 (गीता : 17)
कथं विद्यामहं योगिंस्त्वां सदा परिचिन्तयन् ।। केषु केषु च भावेषु चिन्त्योअ्सि भगवन्मया: ।। गीता : 10.17 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :हे कृष्ण ! ह...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है - गंगा की अनंत शक्ति को समझो. अध्याय 10, श्लोक 16 (गीता : 16)
वत्कुमर्हस्यशेषेण दिव्या ह्यात्मविभूतयः ।। याभिर्विभूतिभिर्लोकानिमांस्त्वं व्याप्य तिष्ठसि ।। गीता : 10.16 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :आप ही उन ...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है - गंगा संरक्षण की दृष्टि से किए गए सभी कार्य सात्विक हैं. अध्याय 17, श्लोक 4 (गीता : 4)
यजन्ते सात्त्विका देवान्यक्षरक्षांसि राजसाः । प्रेतान्भूतगणांश्चान्ये यजन्ते तामसा जनाः ।। गीता : 17.4 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :सात्त्विक पुर...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है - मेरी आन्तरिक संरचना को समझो. अध्याय 17 श्लोक 3 (गीता : 3)
सत्त्वानुरूपा सर्वस्य श्रद्धा भवति भारत । श्रद्धामयोअ्यं पुरुषो यो यच्छृद्धः स एव सः ।। गीता : 17.3 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :हे भारत ! सभी मन...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है – मेरे अनंत जीवों के पालन पोषण की तकनीक को समझना आवश्यक है. अध्याय 10 श्लोक 15 (गीता : 15)
स्वयमेवात्मात्मानं वेत्थ त्वं पुरुषोत्तम ।। भूतभावन भूतेश देव देव जगत्पते ।। गीता : 10.15श्लोक का हिन्दी अर्थ :हे भूतों को उत्पन्न करने वाले...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है - मनुष्य को उसके कर्मों के अनुकूल फल प्राप्त होता है. अध्याय 17 श्लोक 1 (गीता : 1)
अर्जुन उवाच ये शास्त्रविधिमुत्सृज्य यजन्ते श्रद्धयान्विताः । तेषां निष्ठा तु का कृष्ण सत्त्वमाहो रजस्तमः ।। गीता : 17.1 ।।श्लोक का हिन्दी अर...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है - मेरा संरक्षण शास्त्रों के आधार पर एकत्रित तकनीकी ज्ञान से संभव है. अध्याय 16, श्लोक 24 (गीता : 24)
तस्माच्छास्त्रं प्रमाणं ते कार्याकार्यव्यवस्थितौ । ज्ञात्वा शास्त्र विधानोक्तं कर्म कर्तुमिहार्हसि ।। गीता : 16.24 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :इ...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है - मेरी महत्ता को विशेषज्ञ उच्चधिकारी ही समझ सकते हैं. अध्याय 10, श्लोक 14 (गीता : 14)
सर्वमेतद्भुतं मन्ये यन्मां वदसि केशव ।। न हि ते भगवन्व्यक्तिं विदुर्देवा न दानवाः ।। गीता : 10.14 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :अर्जुन कहते हैं, ह...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है - स्वतंत्र भारत में गंगा परतंत्र क्यों है? अध्याय 10, श्लोक 12-13 (गीता : 12-13)
अर्जुन उवाच,'परं ब्रह्म परं धाम पवित्रं परमं भवान् । पुरुषं शाश्वतं दिव्यमादिदेवमजं विभुम् ।। आहुस्त्वामृषयः सर्वे देवर्षिर्नारदस्तथा । असित...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है - शास्त्र ज्ञान के आधार पर हो गंगा संरक्षण. अध्याय 16, श्लोक 23 (गीता : 23)
यः शास्त्रविधि- मुत्सृज्य वर्तते कामकारतः । न स सिद्धि मवाप्नोति न सुखं न परां गतिम् ।। गीता : 16.23 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :जो पुरुष शास्त...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है - गंगा से जुड़ी सतही समस्याओं का निवारण ना होना ही गंगा संरक्षण में बाधा है. अध्याय 16, श्लोक 22 (गीता : 22)
एतैर्विमुक्तः कौन्तेय तमोद्वारैस्त्रिभिर्नरः । आचरत्यात्मनः श्रेयस्ततो याति परां गतिम् ।। गीता : 16.22 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :हे अर्जुन! इन...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है - मेरी जटिल समस्याओं का समाधान न्यूनतम खर्च में भी संभव है. अध्याय 10, श्लोक 11 (गीता : 11)
तेषामेवानुकम्पार्थ महमग्यानजं तमः ।। नाशयाम्यात्मभावस्थो ज्ञानदीपेन भास्वता ।। गीता : 10.11 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :उनके ऊपर अनुग्रह करने के...
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