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गंगा से जुड़े नवीनतम शोध, अभियान, जानकारियां एवं विशेषज्ञों की राय
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गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है - गंगा स्नान का अत्यधिक महत्व है. अध्याय 9, श्लोक 32 (गीता : 32)
मां हि पार्थ व्यपाश्रित्य येअ्पि स्युः पापयोनयः ।। स्त्रियो वैश्यस्तथा शूद्रास्तेअ्पि यान्ति परां गतिम् ।। गीता : 9.32 ।।श्लोक का हिन्दी अर्...
गंगा नदी और गीता - गंगा कहती है – गंगा-जल में जीवंतता की कमी का होते जाना : अध्याय 15, श्लोक 14 (गीता : 14)
अहं वैश्वानरो भूत्वा प्राणिनां देहमाश्रिताः। प्राणापानसमायुक्तः पचाम्यन्नं चतुर्वियम् ।। गीता : 15.14 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :मैं ही सब प्रा...
गंगा नदी और गीता - गंगा कहती है –संतुलित नदी व्यवस्था तकनीक को जानने का प्रयास करो : अध्याय 15, श्लोक 10 (गीता:10)
उत्क्रामन्तं स्थितं वापि भुज्जानं वा गुणान्वितम् । बिमूढा नानुपश्यन्ति पश्यन्ति ग्यानचक्षुषः ।। गीता : 15.10 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ -मूर्ख न...
गंगा नदी - बड़े बाँधों की संख्या में निरंतर होती वृद्धि से बढती गंगा की समस्या : भाग - 13
नदी में जगह-जगह पर डैम और बैराज से जल-स्तर का ज्यादा अन्तर किया जाना होता है. यह मानव-शरीर में कलेजे के धड़कन को तेज करने जैसा होता है. यदि य...
गंगा नदी और गीता - गंगा कहती है – नदियों को संरक्षित करो : अध्याय 15, श्लोक 7 (गीता:7)
ममैवांशो जीवलोके जीवभूतः सनातनः। मनः षष्ठानीन्द्रियाणि प्रकृतिस्थाणि कर्षति।।गीता : 15.7।। श्लोक का हिन्दी अर्थ :इस देह में यह सनातन जीवात्...
गंगा नदी और गीता - गंगा कहती है – मैं परमपद को प्राप्त कराने वाली हूं : अध्याय 15, श्लोक 6 (गीता:6)
न तद्भासयते सूर्यो न शशांको न पावकः। यद्गत्वा निर्वतन्ते तद्भाम परमं मम। गीता : 15.6।श्लोक का हिन्दी अर्थ :जिस परमपद को प्राप्त होकर मनुष्य...
गंगा नदी - गंगा से संबंधित मौलिक आंकड़ों का उपलब्ध नहीं होना, गंगा की समस्या है : भाग - 12
गंगा की एलुवियल मिट्टी के नदोत्तर किनारों पर अवस्थित, वाराणसी के नए और पुराने STP, यहाँ के प्रदूषण की गंभीर समस्या का निदान तभी कर सकते है,...
गंगा नदी और गीता - गंगा कहती है – गंगा-बेसिन की संपदा का तकनीकी संवर्धन होना आवश्यक है : अध्याय 14, श्लोक 27 (गीता:27)
ब्रह्मणो हि प्रतिष्ठाहमृतस्याव्ययस्य च। शाश्वतस्य च धर्मस्य सुखस्यैकान्तिकस्य च ।। गीता : 14.27 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :क्योंकि उस अविनाशी प...
गंगा नदी और गीता - गंगा कहती है – अव्यभिचारी कर्मयोग को भक्ति-योग में परिवर्तित करो : अध्याय 14, श्लोक 26 (गीता:26)
मां च योअव्यभिचारेण भक्तियोगेन सेवते। स गुणान्समतीत्यैतान्ब्रह्मभूयाय कल्पते ।।गीता : 14.26 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :जो पुरुष अव्यभिचारी भक्...
गंगा नदी - स्वामी सानंद का गंगा स्वप्न, सरकार और समाज
20 जुलाई, 1932 को जन्मे प्रो. गुरुदास अग्रवाल जी ने 11 अक्तूबर, 2018 को अपनी देहयात्रा पूरी की। वह पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ज़िला मुजफ्फरनगर क...
गंगा नदी और गीता - गंगा कहती है – गंगा के प्रति शिक्षा की अनिवार्यता : अध्याय 14, श्लोक 24 (गीता:24)
समदुःखसुखः स्वस्थः समलोष्टाश्मकांचनः । तुल्यप्रियाप्रियो धीरस्तुल्यनिन्दात्मसंस्तुतिः ।। गीता : 14.24 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :जो निरंतर आत्म...
गंगा नदी और गीता - गंगा कहती है – तुम्हारे भावना, उद्देश्य, कर्तव्य, कर्मों में हो उचित समन्वय : अध्याय 14, श्लोक 23 (गीता:23)
उदासीनवदासीनो गुणैर्यों न विचाल्यते । गुणा वर्तन्त इत्येव योअवतिष्ठति नेंगते ।। गीता : 14.23 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :“जो साक्षी के सदृश स्थि...
गंगा नदी और गीता - गंगा कहती है – संतुलन के केन्द्रस्थ सिद्धान्त को समझो : अध्याय 14, श्लोक 21 (गीता:21)
कैर्लिंगैस्बन्गुणानेतानतीतो भवति प्रभो। किमाचारः कथं चैतांस्वीन्गुणानतिवर्तते ।। गीता : 14.21 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :अर्जुन ने पूछा-हे भगवा...
गंगा नदी और गीता - गंगा कहती है – ब्रह्माणी गंगा को पहचानों : अध्याय 14, श्लोक 19 (गीता:19)
नान्यं गुणेभ्यः कर्तारं यदा द्रष्टानुपश्यति । गुणेभ्यश्च परं वेत्ति मद्भावं सोअधिगच्छति ।। गीता 14.19 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :जिस समय द्रष्ट...
गंगा नदी – STP का बालूक्षेत्र में न होना गंगा के लिए भीषण समस्याएं उत्पन्न करता हैं : (भाग -6)
17. STP के लिए उचित बालू क्षेत्र का चयन होना आवश्यक है :बालू-कण का औसतन साइज और इस बालू से निर्मित बालू-ढ़ेर का माप, आकार-प्रकार-ढ़ाल-उँचाई आद...
गंगा नदी और गीता - गंगा कहती है – मेरी आत्मा और परमात्मा की तकनीकी-समरूपता के व्यवहार को समझो: अध्याय 8 श्लोक 22 (गीता: 8: 22)
“पुरुषः स परः पार्थ भक्त्या लभ्यस्त्वनन्यया ।। यस्यान्तः स्थानि भूतानि येन सर्वमिदं ततम्” ।। गीता: 8.22 ।। श्लोक का हिंदी में अर्थ :हे अर्जु...
गंगा नदी - तीन-ढलान सिद्धांत के क्रियान्वन हेतु गंगा पुनरोद्धार मंत्री श्री नितिन गडकरी जी को पत्र
आदरणीय परिवहन, नदी विकास और गंगा पुनरोद्धार मंत्री श्री नितिन गडकरी जी भारत-सरकार नई- दिल्लीविषय : आपका वक्तव्य “गंगा के कायाकल्प के लिये 18...
गंगा नदी - तीन-ढाल के सिद्धान्त को नहीं समझना, गंगा-प्रदूषण की सबसे बड़ी समस्या है
सभ्यता और सांस्कृतिक जागृतियाँ बड़ी नदी के वर्ष-भर के जल की सान्निद्ध और ऊपजाव भूमि में, उच्चस्तरीय नदोत्तर किनारे के स्थान से आरंभ होती है. ...
गंगा नदी और गीता - गंगा कहती है – ब्रह्मा के दिन में जीव का उत्पन्न होना और रात्रि में असहायवत् विलीन होना: अध्याय 8 श्लोक 19 (गीता: 8: 19)
“भूतग्रामः स एवायं भूत्वा भूत्वा प्रलीयते ।। रात्रागमेंअ्वशः पार्थ प्रभवत्यहरागमें” ।। गीता: 8.19 ।। श्लोक का हिन्दी में अर्थ :हे पार्थ ! यह...
गंगा नदी और गीता - गंगा कहती है – अनंत जीवों का “जन्म-पालन-पोषण” करने वाली हूँ: अध्याय 8 श्लोक 18 (गीता: 8: 18)
“अब्यक्ताद् ब्यक्तयः सर्वाः प्रभवन्त्यहरागमें ।। रात्रागमें प्रलीयन्ते तत्रैवाब्यक्तसंग्यके” ।। गीता : 8.18 ।। श्लोक का हिन्दी में अर्थ :ब्र...
गंगा नदी और गीता - गंगा कहती है –मेरे सत्य, त्रेता, द्वापर और कल-युग को समझो: अध्याय 8 श्लोक 17 (गीता: 8: 17)
“सहस्त्रयुगपर्यन्तमहर्यद् ब्रह्माणों बिदुः ।। रात्रिं युगसहस्त्रान्तां तेअ्होनात्रविदो जनाः” ।। गीता : 8.17 ।। श्लोक का हिन्दी में अर्थ :मान...
गंगा नदी और गीता - गंगा कहती है – समन्वय के साथ मेरे शक्तिजल-धारा-प्रवाह से मिलती है मुक्ति : अध्याय 8 श्लोक 16 (गीता : 8: 16)
“आब्रह्मभुवनालोका: पुनराबर्तितोअर्जुन ।। मामुपेत्य तु कौन्तेय पुनर्जन्म न बिद्यते:” ।। गीता : 8.16 ।। श्लोक का हिन्दी में अर्थ :हे अर्जुन ब्...
गंगा नदी - स्वामी सानंद जी के गंगा अनशन को लेकर एक आह्वान : गंगा तट से बोल रहा हूं...
गंगा तट पर देखा मैने साधना में मातृ के सानिध्य बैठा इक सन्यासी मृत्यु को ललकारता सानंद समय का लेख बनकर लिख रहा था अमिट पन्ना। न कोई नागनाथ ...
गंगा नदी और गीता - गंगा कहती है – शिव की मस्तक-स्थली एवं गिरिराज-हिमालय के उच्च शिखरपर विराजमान गंगा : अध्याय 8 श्लोक 15 (गीता : 8:15)
“मामुपेत्य पुनर्जन्म दुःखालयमशाश्वतम् ।। नाप्नुबन्ति महात्मानः संसिन्धिं परमां गताः” ।। गीता : 8.15 ।। मुझे प्राप्त करके महापुरुष, जो भक्ति-...
गंगा नदी और गीता - गंगा कहती है – नदी के “एनाटोमी-मोर्फोलोजी-जलप्रवाह-तकनीक” को जानना: अध्याय 8 श्लोक 14 (गीता : 8:14)
“अनन्यचेताः सततं यो मां स्मरित नित्यसः ।। तस्याहं सुलभः पार्थ नित्ययुक्तस्य योगिनः” ।। गीता : 8.14 ।। हे अर्जुन! जो अनन्य भाव से निरंतर मेरा...
गंगा नदी और गीता - गंगा कहती है – तुम्हारा “गंगा-योग” होना क्या है?: अध्याय 8 श्लोक 13 (गीता : 8:13)
“ओमित्येकाक्षरं ब्रह्म ब्याहरन्मामनुस्मरन् ।। यः प्रयाति त्यजन्देहं स याति परमां गतिम्” ।। गीता 8.13 ।। इस योगावस्था में स्थिर होकर तथा ओंका...
गंगा नदी और गीता - गंगा कहती है – गंगा जल में है ध्वनि-तरंग-अवशोषण-शक्ति: अध्याय 8 श्लोक 11 (गीता : 8:11)
“यदक्षरं वेदविदो वदन्ति बिशन्ति यद्यतयो बीतरागाः ।। यदिच्छन्तो ब्रह्मचर्यं चरंति तत्ते पदं संग्रहेण प्रवक्ष्ये” ।। गीता: 8.11 ।। जो वेदों के...
Ganga nadi - Ghats of Varanasi on the Ganga in India : The cultural landscape reclaimed
INDTRODUCTIONRarely has any river gathered in itself so much meaning and reverence as the Ganga has over three millennia in the Indian subco...
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