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गंगा से जुड़े नवीनतम शोध, अभियान, जानकारियां एवं विशेषज्ञों की राय
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गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है - अवगुणों को त्याग कर नदी संरक्षण की शिक्षा गीता देती है. अध्याय 16, श्लोक 21 (गीता : 21)
त्रिविधं नरकस्येदं द्वारं नाशनमात्मनः। कामः क्रोधस्तथा लोभस्तस्मादेतत्त्रयं त्यजेत् ।। गीता 16.21 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :काम, क्रोध तथा लोभ...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है - अमृत जल प्रदान करने वाली गंगा की समस्याओं पर चर्चा करना आवयश्क है. अध्याय 10, श्लोक 9 (गीता : 9)
मच्चित्ता मद्गतप्राणा बोधयन्तः परस्परम् ।। कथयन्तश्च मां नित्यं तुष्यन्ति च रमन्ति च ।। गीता : 10.9 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ:मुझमें चित्त रखने...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है - सरलतम तकनीकों के माध्यम से नदियों की समस्त समस्याओं का निदान किया जा सकता है. अध्याय 10, श्लोक 8 (गीता : 8)
अहं सर्वस्य प्रभवो मत्त्तः सर्वं प्रवर्तते ।। इति मत्वा भजन्ते मां बुधा भावसमन्विताः ।। गीता : 10.8 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :मैं ही सम्पूर्ण ...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है - मेरे औषधीय जलगुण को समझो. अध्याय 10, श्लोक 7 (गीता : 7)
एतां विभूतिं योगं च मम यो वेत्ति तत्त्वतः ।। सोअ्विकम्पेन योगेन युज्यते नात्र संशयः ।। गीता : 10.7 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :जो मनुष्य मेरी इस...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है - प्रदूषण पर नियंत्रण नहीं होना गंगा की सबसे बड़ी समस्या है. अध्याय 16, श्लोक 15-16 (गीता : 15-16)
आढ़्योअ्भिजनवानस्मि कोअ्न्योअ्स्ति सदृशो मया । यक्ष्ये दास्यासि मोदस्य इत्यग्यानविमोहिताः ।। अनेकचित्तविभ्रान्ता मोहजालसमाबृताः। प्रसक्ताः का...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है - एसटीपी को बालू क्षेत्र में स्थापित नही करना गंगा की प्रमुख समस्या है. अध्याय 16, श्लोक 14 (गीता : 14)
असौ मया हतः शत्रुर्हनिष्ये चापरानपि । ईश्वरोअ्महं भोगी सिद्धोअ्हं बलवान्सुखी ।। गीता : 16.14 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :वे आसुरी स्वभाव वाले सो...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है - नदियों के विभिन्न ढ़ाल के सिद्धांत को समझो. अध्याय 10, श्लोक 6 (गीता : 6)
महर्षयः सप्त पूर्वं चत्वारो मनवस्तथा ।। मद्भावा मानसा जाता येषां लोक इमाः प्रजाः ।। गीता : 10.6 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :सप्तर्षिगण तथा उनसे ...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है - जब तक देश की नदियां परिभाषित नहीं होंगी, देश का आगे बढ़ना बेहद कठिन है. अध्याय 16, श्लोक 13 (गीता : 13)
इदमद्य मया लब्धमिमं प्राप्स्ये मनोरथम् । इदमस्तीदमपि मे भविष्यति पुनर्धनम् ।। गीता : 16.13 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :आसुरी व्यक्ति सोचता है, आ...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है - मेरे गुणों को नष्ट करने से तुम स्वयं भी संस्कार विहीन हो जाओगे. अध्याय 10, श्लोक 4-5 (गीता : 4-5)
अहिंसा समता तुष्टिस्तपो दानं यशोअ्यशः । भवन्ति भावा भूतानां मत्त एव पृथग्विधाः ।। गीता : 10.4-5 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ : निश्चय करने की शक्त...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है - मनुष्य के काम की पराकाष्ठा मेरे सतही जल के दोहन से परिभाषित होती है. अध्याय 16, श्लोक 12 (गीता : 12)
आशापाशशतैर्बद्धाः कामक्रोधपरायणाः । ईहन्ते कामभोगार्थमन्यायेनार्थसज्चयान ।। गीता : 16.12 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :वह मानव लाखों इच्छाओं के जा...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है – गंगा से जुड़े वैज्ञानिक तथ्यों को स्वीकार करो. अध्याय 10, श्लोक 3 (गीता : 3)
यो मामजमनादिं च बेत्ति लोकमहेश्वरम् ।। असम्मूढः स मर्त्येषु सर्वपापैः प्रमुच्यते ।। गीता : 10.3 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :जो मुझ को अजन्मा अर...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है - मेरी व्यवस्था तकनीक का सरल सिद्धांत इनफ्लो-आउटफ्लो की संतुलंता है. अध्याय 16, श्लोक 11 (गीता : 11)
चिन्तामपरिमेयां च प्रलयान्तामुपाश्रिताः ।कामोपभोगपरमा एतावदिति निश्चिताः ।। गीता : 16.11 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :वे मृत्युपर्यन्त रहने वाली ...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है - गंगा के बायोटिक-सिस्टम से गंगा संरक्षण निश्चित है. अध्याय 10, श्लोक 2 (गीता : 2)
न मे बिंदु: सुरगणाः प्रभवं न महर्षयः ।। अहमादिर्हि देवानां महर्षीणां च सर्वशः ।। गीता : 10.2 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :मेरे प्रकट होने को न दे...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है - मैं अतुलनीय सम्पदायों से युक्त हूँ. अध्याय 10, श्लोक 1 (गीता : 1)
श्रीभगवानुबाच, भूय एवं महाबाहो श्रृणु में परमं वचः ।। यत्तेअ्हं प्रीयमाणाय वक्ष्यामि हितकाम्यया ।। गीता : 10.1 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :श्री ...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है - गंगा जल संग्रहण के माध्यम से मेरे ज्ञान का प्रचार-प्रसार किया जाए. अध्याय 9, श्लोक 34 (गीता : 34)
मन्मया भव मद्भक्तो मद्याजी मां नमस्कुरु ।। मामेवैष्यसि युक्त्वैवमात्मानं मत्परायणः ।। गीता : 9.34 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :मुझ में मन रमाने व...
गंगा नदी – गीता सार की वैज्ञानिकता से गंगा की समस्याओं को समझने का उपक्रम.
धर्म ही ज्ञान, भक्ति, शक्ति, शांति और आनंद है. इसका क्षरण ही व्यक्ति, परिवार, समाज, देश और संसार में अशांति का कारण है. यह धर्म इस कलिकाल म...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है - तुम्हारी रक्षा करना ही मेरा उद्देश्य है. अध्याय 9, श्लोक 31 (गीता : 31)
क्षिप्रं भवति धर्मात्मा शाश्वच्छान्ति निगच्छति ।। कौन्तेय प्रतिजानीहि न में भक्तः प्रणश्यति ।। गीता : 9.31 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :वह शीघ्र ...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है - विशेषज्ञों की राय से ही किया जाये नदी संरक्षण कार्य. अध्याय 9, श्लोक 30 (गीता : 30)
अपि चेत्सुदुराचारो भजते मामनन्यभाक् ।। साधुरेव स मनतब्यः सम्यग्व्यवसितो हि सः ।। गीता : 9.30 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :अगर कोई दुराचारी से दुर...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है - मैं मनुष्य की भावना के अनुरूप सहायता या प्रतिक्रिया प्रस्तुत करती हूँ. अध्याय 9, श्लोक 29 (गीता : 29)
समोअ्हं सर्वभूतेषु न मे द्वष्योअ्स्ति न प्रियः ।। ये भजन्ति तु मां भक्त्या मयि ते तेषु चाप्यहम् ।। गीता : 9.29 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :मैं स...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है - समस्त कार्यों को मैं कर्म बंधन मुक्त मानती हूँ, अध्याय 9, श्लोक 28 (गीता : 28)
शुभाशुभफलैरेवं मोक्ष्यसे कर्मबन्धनैः ।। सन्यासयोगयुक्तात्मा बिमुक्तो मामुपैष्सयसि ।। गीता : 9.28 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :इस प्रकार, जिसमें स...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है - गंगाजल संरक्षण के लाभ को समझो. अध्याय 9, श्लोक 27 (गीता : 27)
यत्करोषि यदश्नासि यज्जुहोषि ददासि यत् ।। यत्तपस्यसि कौन्तेय तत्कुरुष्व मदर्पणम् ।। गीता : 9.27 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :हे अर्जुन ! तू जो कर्...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है - पृथ्वी पर मात्र गंगा एकमात्र जल नहीं, अमृत की धारा है. अध्याय 16, श्लोक 8 (गीता : 8)
असत्यमप्रतिष्ठं ते जगदाहुरनीश्वरम् । अपरस्परसम्भूतं किमन्यत्कामहैतुकम् ।। गीता : 16.8 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :वे आसुरी प्रकृति वाले कहा करते...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है - बाँधों के कार्यों को प्रकृति से तालमेल कर सुधार लाने की आवश्यकता है. अध्याय 9, श्लोक 26 (गीता : 26)
पत्रं पुष्पं फलं तोयं यो में भक्त्या प्रयच्छति ।। तदहं भक्त्युपहृतमश्नामि प्रयतात्मनः ।। गीता : 9.26 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :यदि कोई प्रेम औ...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है - मनुष्य अपनी भावना के अनुरुप मेरा उपयोग करता है. अध्याय 9, श्लोक 25 (गीता : 25)
यान्ति देववृता देवान्यितृन्यान्ति पितृवृताः ।। भूतानि यान्ति भूतेज्या यान्ति मद्दाजिनोअ्पि माम ।। गीता : 9.25 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :देवताओ...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है, अपने उद्देश्य की पूर्ति करना मेरा कर्तव्य तथा अधिकार है. अध्याय 9, श्लोक 24 (गीता : 24)
अहं हि सर्वयग्यानां भोक्ता च प्रभुरेव च ।। न तु मामभिजानन्ति तत्त्वेनातश्च्यवन्ति ते ।। गीता : 9.24 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :क्योंकि सम्पूर्ण...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है - तुम्हारे समस्त कार्यों की अध्यक्षता मैं करती हूँ. अध्याय 9, श्लोक 23 (गीता : 23)
येअ्प्यन्यदेवता भक्ता यजन्ते श्रद्धयान्विताः ।। तेअ्पि मामेव कौन्तेय यजन्त्यविधिपूर्वकम् ।। गीता : 9.23 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :हे अर्जुन ! ...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है - उचित तकनीक के द्वारा गंगा प्रदूषण की समस्या का समाधान संभव है. अध्याय 16, श्लोक 6 (गीता : 6)
द्वौ भूतसर्गौं लोकेअ्स्मिन्दैव आसुर एव च । दैवो विस्तरशः प्रोक्त आसुरे पार्थ में श्रृणु ।। प्रवृत्तिं च निवृत्तिं च जना न विदुरासुराः । न शौ...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है - तुम हमारी आवश्यकता को समझो तथा सिंचाई-पद्धति को बदलो. अध्याय 16, श्लोक 5 (गीता : 5)
दैवी सम्पद्विमोक्षाय निबन्धायासुरी मता । मा शुचः सम्पदं दैवीमभिजातोअ्सि पाण्डव ।। गीता : 16.5 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :देवी सम्पदा मुक्ति के ...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है - तुम धन उपार्जन के लिये हमारा दोहन कर रहे हो, इसके बदले में तुम्हें अशांति मिल रही है. अध्याय 16, श्लोक 4 (गीता : 4)
दम्भो दर्पोअ्भिमानश्च क्रोध: पारुष्यमेव च । अग्यान: चाभिजातस्य पार्थ सम्पदमासुरीम् ।। गीता : 16.4 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :हे पृथापुत्र ! दम्...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है - यदि तुमने हमारी संपूर्ण शक्तियों को संरक्षित कर लिया, तो मैं तुम्हारी समस्त समस्याओं का निदान करूँगी. अध्याय 9, श्लोक 22 (गीता : 22)
अनन्याश्चिन्तयन्तो मां ये जनाः पर्युपासते ।। तेषां नित्याभियु- क्तानां योगक्षेमं बहा-म्यहम् ।। गीता : 9.22 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ : जो अनन्य...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है - सूखती गंगा नदी की गंभीर समस्या के समाधान के विषय में सोचते हुए स्थायी कदम रखो. अध्याय 9, श्लोक 21 (गीता : 21)
ते तं भुक्त्वा स्वर्गलोकं बिशालं क्षीणे पुण्ये मर्त्यलोकं विशन्ति ।। एवं त्रयी-धर्ममनुप्रपन्ना गतागतं कामकामा लभन्ते ।। गीता : 9.21 ।।श्लोक ...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है - नदी के सिद्धांतों को नजर अंदाज कर कार्य करते जाना, मेरी विभिन्न समस्याओं का कारण हैं. अध्याय 16, श्लोक 3 (गीता : 3)
तेजः क्षमा धृतिः शौचमद्रोहो नातिमानिता । भवन्ति सम्पदं दैवीमभिजातस्य भारत ।। गीता : 16.3 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :तेज, क्षमा, धैर्य, बाहर ...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है - प्राकृतिक शक्ति स्त्रोतों को संरक्षित करना पहला कर्तव्य है. अध्याय 9, श्लोक 20 (गीता : 20)
त्रैविद्या मां सोमपाः पूतपापा यग्यैरिष्ट्वा स्वर्गतिं प्रार्थयन्ते ।। ते पुण्यमासाद्य सुरेन्द्रलोकमश्ननन्ति दिब्यान्दवि देवभोगान् ।। गीता : ...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है - नदी में वृक्षारोपण सर्वत्र नहीं किया जा सकता, यह समझने का विषय है. अध्याय 9, श्लोक 19 (गीता : 19)
तपाम्यहमहं वर्षं निगृह्णाम्युत्सृजामि च ।। अमृतं चैव मृत्युश्च सदसच्चाहमर्जुन ।। गीता : 9.19 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :मैं ही सूर्य रूप से तपत...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है - गंगा की शक्ति को समझो और इसे विनम्रता से संरक्षित करो. अध्याय 16, श्लोक 2 (गीता : 2)
अहिंसा सत्यमक्रोधस्त्यागः शान्तिरपैशुनम् । दया भूतेष्वलोलुप्त्वं मार्दवं ह्रीरचापलम् ।। गीता : 16.2 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :मन, वाणी और शरी...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है - मैं सबका भरण-पोषण करने वाली तथा सबको वास स्थान देने वाली हूं. अध्याय 9, श्लोक 18 (गीता : 18)
गतिर्भता प्रभुः साक्षी निवासः शरणं सुहृत् ।। प्रभवः प्रलयः स्थानं निधानं बीजमब्ययम् ।। गीता : 9.18 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :प्राप्त होने योग्...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है, नदी जितना प्रदूषित होती जाती है, उतनी ही अशांति बढ़ती जाती है. अध्याय 9 श्लोक 17 (गीता : 17)
पिताहमस्य जगतो माता धाता पितामहः ।। वेद्यं पवित्रमोंकार ऋक्साम यजुरेव च ।। गीता : 9.17 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :इस सम्पूर्ण जगत का धाता अर्था...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है : रिवर मैनेजमेंट टेक्नोलॉजी के आधार पर नदी का संरक्षण करें. अध्याय 16, श्लोक 1 (गीता : 1)
श्रीभगवानुवाच : अभयं सत्वसंशुद्धिर्ग्यानयोगब्यवस्थितिः । दानं दमश्च यग्यश्च स्वाध्यायस्तप आर्जवम् । गीता : 16.1 ।श्लोक का हिन्दी अर्थ :श्रीभ...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है : समस्त मंत्रो का उद्गम् मेरे संस्कार और संस्कृति हैं. अध्याय 9, श्लोक 16 (गीता : 16)
अहं क्रतुरहं यग्यः स्वधाहमहमौषधम् ।। मन्त्रोअ्हमहमेबाज्यमहमग्निरहं हुतम् ।। गीता : 9.16 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :क्रतु मैं हूँ, यज्ञ मैं हूँ,...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है : सूक्ष्म ज्ञान से गंगा को व्यवस्थित करना. अध्याय 9, श्लोक 15 (गीता : 15)
ज्ञानयज्ञेन चाप्यन्ये यजन्तो मामुपासते ।। एकत्वेन पृथक्त्वेन बहुधा विश्वतोमुखम् ।। गीता : 9.15 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :अन्य लोग जो ज्ञान के ...
नमामि गंगे अभियान से भी निर्मल नहीं हो पाई है गंगा – केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड रिपोर्ट (2017-18)
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार जारी की गयी केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की वर्ष 2017-18 की रिपोर्ट के अनुसार गंगा नदी अधिकतर स्थानों पर अ...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है : मेरे नैसर्गिक जलगुण को संरक्षित करना जीवन उद्देश्य की पूर्ति का कृतार्थ होना है. अध्याय 15, श्लोक 20 (गीता : 20)
इति गुह्यतमं शास्त्रमिदमुक्तं मयानघ । एतद्बुद्- ध्वा बुद्धिमानस्यात्कृतकृत्यश्च भारत ।। गीता : 15.20 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :हे निष्पाप अर्ज...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है : नदियों का मात्र वंदन नहीं, उचित संरक्षण भी करो. अध्याय 9, श्लोक 14 (गीता : 14)
सततं कीर्तयन्तो मां यतन्तश्च दृढब्रताः ।। नमस्यन्तश्च मां भक्त्या नित्ययुक्ता उपासते ।। गीता : 9.14 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ : वे दृढ़ निश्चय व...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है : तत्व ज्ञान से मुझे संरक्षित करने का प्रयास करो, अध्याय 15, श्लोक 19 (गीता : 19)
यो मामेवमससम्मूढो जानाति पुरुषोत्तमम् : स सर्वबिद्भजति मां सर्वभावेन भारत ।। गीता : 15.19 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :भारत, जो ज्ञानी पुरुष मुझ ...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है : भारत के विश्वव्यापी शांति मंत्र का आधार मात्र मैं हूँ, अध्याय 9, श्लोक 13 (गीता : 13)
महात्मानस्तु मां पार्थ दैवीं प्रकृतिमाश्रिताः ।। भजन्त्यनन्यमनसो ग्यात्वा भूतादिमव्ययम् ।। गीता : 9.13 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :हे कुन्तीपुत्...
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