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Ganga and geeta
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है – मैं सभी प्राणियों की मुक्ति का मार्ग हूँ . अध्याय 18, श्लोक 40 (गीता : 40).
June 7, 2019, 1:58 p.m.
न तदस्ति पृथिव्यां वा दिवि देवेषु वा पुनः । सत्त्वं प्रकृतिजैर्मुक्तं यदेभिः स्यात्त्रिभिर्गुणैः ।। गीता : 18.40 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :पृथ...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है – मेरे मैले स्वरुप का कारण मनुष्य का स्वार्थ है. अध्याय 18, श्लोक 35 (गीता : 35).
June 6, 2019, 1:32 p.m.
यथा स्वप्नं भयं शोकं विषादं मदमेव च । न विमुच्चति दुर्मेधा धृतिः सा पार्थ तामसी ।। गीता : 18.35 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :हे पार्थ ! दुष्ट बुद...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है – मैं मनुष्य के जीवन की मुक्ति का आधार हूं. अध्याय 18, श्लोक 34 (गीता : 34).
June 6, 2019, 1:22 p.m.
यया तू धर्मकामार्थान्धृत्या धारयतेर्जुन । प्रसंगेन फलाकांक्षी धृतिः सा पार्थ राजसी ।। गीता : 18.34 श्लोक का हिन्दी अर्थ :परन्तु हे पृथापुत्र...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है – मेरी निर्मलता का आधार मेरी अविरलता है. अध्याय 18, श्लोक 33 (गीता : 33).
June 4, 2019, 7:29 p.m.
धृत्या यया धारयते मनःप्राणेन्द्रियक्रियाः।योगेनाव्यभिचारिण्या धृतिः सा पार्थ सात्त्विकी ।। गीता : 18.33 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :हे पार्थ ! ज...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है – एसटीपी को बालू क्षेत्र में विस्थापित नहीं करना तामसी ज्ञान है. अध्याय 18, श्लोक 32 (गीता : 32).
June 3, 2019, 9:04 p.m.
अधर्मं धर्ममिति या मन्यते तमसावृता । सर्वार्थान्विपरीतांश्च बुद्धिः सा पार्थ तामसी ।। गीता : 18.32 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :हे अर्जुन ! जो तम...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है – मनुष्य ने मुझे मात्र उपभोग का साधन समझा हुआ है. अध्याय 18, श्लोक 31 (गीता : 31).
May 31, 2019, 9:11 p.m.
यथा धर्ममधर्मं च कार्यं चाकार्यमेव च ।अयथावत्प्रजानाति बुद्धिः सा पार्थ राजसी ।। गीता : 18.31 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :हे पार्थ ! मनुष्य जिस ...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है – नदी तकनीक को समझे बिना, नदी संरक्षण व्यर्थ है. अध्याय 18, श्लोक 28 (गीता : 28).
May 30, 2019, 4:21 p.m.
अयुक्तः प्राकृतः स्तब्धः शठो नैष्कृतिकोअ्लसः । विषादी दीर्घसूत्री च कर्ता तामस उच्यते ।। गीता : 18.28 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :जो कर्ता आयुक्...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है – प्रशासन द्वारा किया जाता है, नदियों की समस्याओं को अनदेखा. अध्याय 18, श्लोक 27 (गीता : 27).
May 29, 2019, 6:15 p.m.
रागी कर्मफलप्रेप्सुर्लुब्धो हिंसात्मकोशुचिः । हर्षशोकान्वितः कर्ता राजसः परिकीर्तितः ।। गीता : 18.27 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :जो कर्ता आसक्त...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है – नदी विज्ञान की गहराई के ज्ञान का होना आवश्यक है. अध्याय 18, श्लोक 26 (गीता : 26).
May 28, 2019, 6:38 p.m.
मुक्तसंगोअ्नहंवादी धृत्युत्साहसमन्वितः । सिद्धयसिद्धयोर्निर्विकारः कर्ता सात्त्विक उच्यते ।। गीता : 18.26 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :जो कर्ता स...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है – अज्ञानी मनुष्य ही मूर्खतावश नदियों में अवजल प्रवाहित करता है. अध्याय 18, श्लोक 25 (गीता : 25).
May 27, 2019, 8:18 p.m.
अनुबन्धं क्षयं हिंसामनपेक्ष्य च पौरुषम् । मोहादारभ्यते कर्मं यत्तत्तामसमुच्यते ।। गीता : 18.25 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :जो कर्म मोहवश शास्त्र...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है – नदियों के सिद्धांतों के आधार पर मेरे गुणों को संरक्षित करो. अध्याय 18, श्लोक 23 (गीता : 23).
May 23, 2019, 7:12 p.m.
नियतं संगरहितमरागद्वेषतः कृतम् । अफलप्रेप्सुना कर्म यत्तत्सात्त्विक मुच्यते ।। गीता : 18.23 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :जो कर्म नियमित है और जो ...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है – नदियों के प्राकृतिक सिद्धांतों को जानना आवश्यक है. अध्याय 18, श्लोक 22 (गीता : 22).
May 22, 2019, 7:56 p.m.
यत्तु कृत्स्नवदेकस्मिन्कार्यें सक्तमहैतुकम् । अतत्त्वार्थवदल्पं च तत्तामसमुदाहृतम् ।। गीता : 18.22 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :और वह ज्ञान जिससे...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है – नदियों का शोषण करना अपराधिक कृत्य है. अध्याय 18, श्लोक 21 (गीता : 21).
May 21, 2019, 6:31 p.m.
पृथक्त्वेन तु यज्ग्यानं नानाभावान्पृथग्विधान् । वेत्ति सर्वेषु भूतेषु तज्ग्यानं विधि राजसम् ।। गीता : 18.21श्लोक का हिन्दी अर्थ :जिस ज्ञान क...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है – नदी प्रबन्धन तकनीक की जानकारी होना ही सात्विकी ज्ञान है. अध्याय 18, श्लोक 19-20 (गीता : 19-20).
May 21, 2019, 6:20 p.m.
ज्ञानं कर्मं च कर्ता च त्रिधैव गुणभेदतः । प्रोच्यते गुणसंख्याने यथावच्छृणु तान्यपि ।। सर्वभूतेषु येनैकं भावमव्ययमीक्षते । अविभक्तं विभक्तेषु...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है – नदी प्रबंधन की मौलिकता को नहीं समझना ही नदियों की समस्या है. अध्याय 18, श्लोक 18 (गीता : 18).
May 20, 2019, 9:02 p.m.
ज्ञानं ज्ञेयं परिज्ञाता त्रिविधा कर्मचोदना । करणं कर्म कर्तेति त्रिविधः कर्मसंग्रहः ।। गीता : 18.18 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :ज्ञान, ज्ञेय तथा...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है – ग्रंथों के आधार पर मेरे गुणों को संरक्षित करो. अध्याय 18, श्लोक 13-14 (गीता : 13-14).
May 14, 2019, 7:20 p.m.
पंच्चैतानि महाबाहो कारणानि निबोध में ।सांख्ये कृतान्ते प्रोक्तानि सिद्धये सर्वकर्मणाम् ।। अधिष्ठानं तथा कर्ता करणं च पृथग्विधम् । विविधाश्च ...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है – शारीरिक विज्ञान की भांति समझा जाए नदी विज्ञान को. अध्याय 18, श्लोक 11 (गीता : 11).
May 13, 2019, 9:12 p.m.
न ही देहभृता शक्यं त्यक्तुं कर्माण्यशेषतः। यस्तु कर्मफलत्यागी स त्यागीत्यभिधीयते ।। गीता : 18.11 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :निःसंदेह किसी भी दे...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है – मेरा स्वरुप आज भी पहले जैसा ही है. अध्याय 18, श्लोक 10 (गीता : 10).
May 10, 2019, 7:21 p.m.
न द्वेष्टयकुशलं कर्म कुशले नानुषज्जते । त्यागी सत्त्वसमाविष्टो मेधावी छिन्नसंशयः ।। गीता : 18.10 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :सतोगुण में स्थित बु...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है – नदी तकनीक व्यवस्था के सभी सिद्धांत शास्त्र जनित है. अध्याय 18, श्लोक 9 (गीता : 9).
May 9, 2019, 7:47 p.m.
कार्यमित्येव यत्कर्म नियतं क्रियतेअ्-र्जुन ।संग त्यक्त्वा फलं चैव स त्यागः सात्त्विको मतः ।। गीता : 18.9 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :हे अर्जुन !...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है – नदियों के तकनीकी ज्ञान का अभाव होना, गंगा की समस्या है. अध्याय 18, श्लोक 8 (गीता : 8).
May 8, 2019, 8:42 p.m.
दुःखमित्येव यत्कर्म कायक्लेशभयात्त्यजेत् । स कृत्वा राजसं त्यागं नैव त्यागफलं भवेत् ।। गीता : 18.8 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :जो व्यक्ति नियत क...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है : मैं तुम्हारी जीवात्मा हूँ, अध्याय 9, श्लोक 10 (गीता : 10).
Dec. 19, 2018, 12:57 p.m.
मयाध्यक्षेण प्रकृति: सूयते सचराचरम् ।। हेतूनानेन कौन्तेय जगत्परिवर्त्तते ।। गीता : 9.10 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :हे अर्जुन ! मुझ अधिष्ठाता के...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है : हमारे शरीर की जगह और समय से बदलते भौतिक-परारूप को समझना आवश्यक है. अध्याय 9, श्लोक 8 (गीता : 8).
Dec. 18, 2018, 3:32 p.m.
प्रकृति स्वामवष्टभ्य बिसृजामि पुनः पुनः ।। भूतग्राममिमं कृत्स्नमवशं प्रकृतेर्वशात् ।। गीता : 9.8 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :अपनी प्रकृति को अंग...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है : नदी व्यवस्था की तकनीक का ज्ञान अनिवार्य है. अध्याय 15, श्लोक 17 (गीता : 17).
Dec. 14, 2018, 7:11 p.m.
उत्तमः पुरुषस्त्वन्यः परमात्मेत्युदाहृतः । यो लोकत्रयमाविश्य विभर्त्यव्यय ईश्वरः ।। गीता : 15.17 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :इन दोनों से उत्तम प...
गंगा नदी और गीता – गंगा कहती है : अब देश स्वतंत्र हो गया है, तो मैं क्यों परतंत्र रह गयी हूँ, अध्याय 9, श्लोक 11 (गीता : 11).
Dec. 19, 2018, 1:05 p.m.
अवजानन्ति मां मूढा मानुषीं तनुमाश्रितम् ।। परं भावमजानन्तो मम भूतमहेश्वरम् ।। गीता : 9.11 ।।श्लोक का हिन्दी अर्थ :मेरे परम भाव को न जानने वा...
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