गंगा नदी और गीता - गंगा कहती है – अनंत जीवों का “जन्म-पालन-पोषण” करने वाली हूँ: अध्याय 8 श्लोक 18 (गीता: 8: 18). Sept. 21, 2018, 10:56 a.m.
गंगा नदी और गीता - गंगा कहती है – समन्वय के साथ मेरे शक्तिजल-धारा-प्रवाह से मिलती है मुक्ति : अध्याय 8 श्लोक 16 (गीता : 8: 16). Sept. 19, 2018, 11:55 a.m.
गंगा नदी और गीता - गंगा कहती है - भाव, कोशिका की व्यवस्था को सम्बोधित करता है : अध्याय 8 श्लोक 6 (गीता : 8:6). Sept. 13, 2018, 8:19 p.m.
गंगा नदी और गीता - गंगा कहती है – शिव की मस्तक-स्थली एवं गिरिराज-हिमालय के उच्च शिखरपर विराजमान गंगा : अध्याय 8 श्लोक 15 (गीता : 8:15). Sept. 13, 2018, 8:28 p.m.
गंगा नदी और गीता - गंगा कहती है – नदी के “एनाटोमी-मोर्फोलोजी-जलप्रवाह-तकनीक” को जानना: अध्याय 8 श्लोक 14 (गीता : 8:14). Sept. 13, 2018, 8:27 p.m.
गंगा नदी और गीता - गंगा कहती है –मेरे सत्य, त्रेता, द्वापर और कल-युग को समझो: अध्याय 8 श्लोक 17 (गीता: 8: 17). Sept. 20, 2018, 7:34 p.m.
गंगा नदी और गीता - गंगा कहती है – तुम्हारा “गंगा-योग” होना क्या है?: अध्याय 8 श्लोक 13 (गीता : 8:13). Sept. 13, 2018, 8:27 p.m.
गंगा नदी और गीता - गंगा कहती है – “नदी-इन्द्रियों” के समस्त द्वारों को नियंत्रित और व्यवस्थित करना: अध्याय 8 श्लोक 12 (गीता : 8:12). Sept. 13, 2018, 8:26 p.m.
गंगा नदी और गीता - गंगा कहती है – गंगा जल में है ध्वनि-तरंग-अवशोषण-शक्ति: अध्याय 8 श्लोक 11 (गीता : 8:11). Sept. 13, 2018, 8:25 p.m.
गंगा नदी और गीता - गंगा कहती है – गंगा जल मात्र औषधि नहीं, सम्पूर्ण कोशिका व्यवस्था है: अध्याय 8 श्लोक 10 (गीता : 8:10). Sept. 13, 2018, 8:25 p.m.
गंगा नदी और गीता - गंगा कहती है – “अविचलित-भाव”, बिना जाने हो नहीं सकता : अध्याय 8 श्लोक 8 (गीता : 8:8). Sept. 13, 2018, 8:22 p.m.
गंगा नदी और गीता - गंगा कहती है – मेरे पंचभूतों के संतुलन की हो व्यवस्था : अध्याय 8 श्लोक 7 (गीता : 8:7). Sept. 13, 2018, 8:21 p.m.
गंगा नदी और गीता - गंगा कहती है – “केन्द्रस्तध्यान” स्थिरता की सम्रृद्ध-तकनीक : अध्याय 8 श्लोक 9 (गीता : 8:9). Sept. 13, 2018, 8:24 p.m.
गंगा नदी और गीता - गंगा कहती है – मेरे दृश्य लोक की अवधारणा को देखो: अध्याय 8 श्लोक 21 (गीता: 8: 21). Sept. 26, 2018, 12:36 p.m.